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Friday, May 20, 2011

Fwd: सुनिए क्रांतिकारी गायक गदर के दो गीत



---------- Forwarded message ----------
From: reyaz-ul-haque <beingred@gmail.com>
Date: 2011/5/20
Subject: सुनिए क्रांतिकारी गायक गदर के दो गीत
To: ajay kumar <akpatna@gmail.com>


कुछ ही देर पहले गदर यहां से गए हैं. उनके जाने के बाद कुछ भी कहा जाना बाकी नहीं रह गया है. जो कहा जाएगा और जो भी पढ़ा जाएगा वह जेएनयू के केसी-ओएटी में दो घंटे के उनके सांस्कृतिक कार्यक्रम के असर की दूर दूर तक भी बराबरी नहीं कर सकेगा. गदर अलग तेलंगाना राज्य की मांग के लिए जारी आंदोलन के सिलसिले में दिल्ली में आये थे और जेएनयू में अलग तेलंगाना राज्य के समर्थन में बनी छात्रों की समिति द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिरकत करने आये थे. देश के मेहनतकश मजदूरों के खून और पसीने की गंध समोए गदर के गीत हमें एक ऐसी दुनिया में पहुंचाते हैं जहां हम श्रम के शोषण और संघर्ष को संगीत में महसूस कर सकते हैं. कारखाने में पसीना बहाते मजदूर की व्यथा हो या क्रांतिकारी संघर्षों में शामिल युवाओं के उम्मीद भरे सपने हों गदर उन्हें आवाज देते हैं. उनके गीतों में हथियारों और औजारों दोनों की खनक मिलेगी.

1.    http://hashiya.blogspot.com/2011/05/blog-post_20.html

2.    http://hashiya.blogspot.com/2011/05/blog-post_5429.html




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Palash Biswas
Pl Read:
http://nandigramunited-banga.blogspot.com/

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