Friday, April 20, 2012
हाटशूट प्रोमो में समर्थ अभिनय की हत्या!
हाटशूट प्रोमो में समर्थ अभिनय की हत्या!
मुंबई से एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास
आजकल ऐम्बुश मार्केटिंग का जमाना है।विक्रम भट्ट की आनेवाली फिल्म 'हेट स्टोरी' का बेहद बोल्ड ट्रेलर इन दिनों काफी चर्चा में है।इस झलक में फिल्म की मुख्य नायिका पाओली दाम ने सारी सीमाएं तोड़ी है। उन्हें इन प्रोमो में अश्लील और बोल्ड संवाद बोलते दिखाया जा रहा है। इस झलक में फिल्म की मुख्य नायिका पाओली दाम ने सारी सीमाएं तोड़ी है। उन्हें इन प्रोमो में अश्लील और बोल्ड संवाद बोलते दिखाया जा रहा है।फिल्म में पाओली ने एक ऐसी लड़की की भूमिका निभाई है जो हालात से मजबूर होकर 'कॉल गर्ल' बन जाती है।फिल्म में पाओली ने एक ऐसी लड़की की भूमिका निभाई है जो हालात से मजबूर होकर 'कॉल गर्ल' बन जाती है।
इस फिल्म के पोस्टर भी इतने सनसनीखेज हैं कि बंगाल में उनपर नीली स्याही से कपड़े पहनाकर ही प्रदर्शित करने की इजाजत मिली।इस फिल्म के पोस्टर भी इतने सनसनीखेज हैं कि बंगाल में उनपर नीली स्याही से कपड़े पहनाकर ही प्रदर्शित करने की इजाजत मिली।
रेडियो सिलोन और विविध भारती पर गाने बजाकर फिल्म सिल्वर जुबिली गोल्डन जुबिली मना लेगी, इसकी भी कोई संभावना नहीं है।सैकड़ों प्रिंट और मल्टीप्लेक्स के जरिये फिल्म की लागत वसूलने की रणनीति होती है। इसके लिए आक्रामक प्रचार के तौर तरीके अपनाना जरूरी होता है।अभिनेत्रियों का हाटशूट प्रोमो इस सिलसिले में कारगर हथियार माना जा रहा है। बालीवूड की ताजा फिल्म हेट स्टोरी के लिए भी यही नूस्खा अपनाया जा रहा है। जिसमें बतौर गरम मसाला पाओली दाम को पेश किया जा रहा है।
पाओली एक समर्थ अभिनेत्री है। बांग्ला फिल्मों में उन्होंने बड़ी मेहनत से यह साबित भी कर दिया है। पर छत्राक से उनकी इमेज बदल गयी है। बेझिझक अंग प्रदर्शन के लिए उनका नाम चर्चित होने लगा है। यह वाकई पाओली की अभिनय प्रतिभा के साथ अन्याय है।
सत्यजीत राय की फिल्मों से शर्मिला टैगोर जब कश्मीर की कली बनी, तब उनके लिए कोई विपणन रणनीति तैयार नहीं हुई। फिर बंगाल से मुंबई जाने वाली माला सिन्हा,राखी, जया भादुड़ी और मौसमी चटर्जी को भी ऐसे तौर तरीके के लिए याद नहीं किया जाता। हाल में ऋतुपर्णा सेनगुप्त ने बांग्ला फिल्म चारुलता २०१२ में काफी बोल्ड सीन किये हैं, पर उन्होंने सजगता से अपनी अभिनेत्री इमेज बनाये रखी। वह भी मुंबई में काम करती है। विपाशा बसु जरूर आक्रामक शैली के लिए चर्चित रही। पर वाणिज्यिक फिल्मों को छोड़कर उनकी किसा भूमिका की शायद ही चर्चा होती होगी।
याद करें, चेतना पिल्म में रेहाना सुलतान को। उसके बाद उनका क्या हश्र हुआ। फिर समांतर फिल्मों के मार्फत ही शबाना आजमी और स्मित पाटिल का चामत्कारिक उत्कर्ष, जिसमें हाट शाट की कोई भूमिका नहीं है।
विक्रम भट्ट की आगामी फिल्म 'हेट स्टोरी' की नई सनसनी है बंगाली अभिनेत्री पाओली दाम!यह फिल्म एक इरोटिक रिवेंज ड्रामा वाली फिल्म है।यह एक नारी प्रधान फिल्म है। इसमें ग्लैमरस अक्सपैक्ट हैं। बॉलीवुड की मेन स्ट्रीम मसाला फिल्म है। कांस समारोह में शिरकत करने वाली टॉलीवुड अभिनेत्री पाओली दाम विक्रम भट्ट की कांस समारोह में शिरकत करने वाली टॉलीवुड अभिनेत्री पाओली दाम विक्रम भट्ट की इस फिल्म से बॉलीवुड में अपने कॅरियर की शुरुआत करेंगी। फिल्म में पाओली ने ऐसे बोल्ड सीन दिए हैं कि आप मल्लिका शेरावत, शिल्पी शर्मा, जिया खान, उदिता गोस्वामी, पायल रोहतगी जैसी हसीनाओं के अतीत में किए गए उत्तेजक दृश्यों को साफ-सुथरा समझने लगेंगे,हाटशाट के जरिये ऐसे ही प्रचार को फिल्म विपणन का आधार बना दिया गया है।
वर्ष 2009 में निर्देशक गौतम घोष की बंगाली फिल्म कालबेला से चर्चा में आई 31 वर्षीय पाओली भट्ट कंपनी की हेट स्टोरी में नजर आएंगी। गौतम घोष की बाउल लालोन फकीर पर बनी मनेर मानुष फिल्म में भी पाओली ने चामत्कारिक अभिनय किया है। करीब २५ बांग्ला फिल्मों में काम कऱ चुकी है पाओली। छत्राक ऱिलीज होने से पहले उनकी छवि प्रतिभासंपन्न समर्थ अभिनेत्री की रही है।
पाओली का इस सिलसिले में कहना है कि मैंने काव्या का किरदार निभाया है। यह कहानी काव्या की जिंदगी से जुड़ी हुई है। काव्या एक साधारण बबली, हैप्पी गो लक्की, नेक्स्ट डोर गर्ल है। पेशे से पत्रकार है। उसे सिद्धार्थ धनराजगिरी (गुलशन देवैया) से प्यार हो जाता है। पर बाद में उसका प्रेमी उसके साथ जो हरकत करता है, उसकी वजह से वह उससे बदला लेती है। काव्या का लुक बहुत अलग तरह का है। लुक में कई बदलाव भी हैं। इस कारण मुझे फिजिकल टे्रनिंग लेनी पड़ी।काव्या और पाओली दोनों में जमीन आसमान का अंतर है। मैं निजी जीवन में जो नहीं हूं, उसी को परदे पर निभाते हुए मुझे बड़ा मजा आया। पूरी फिल्म में चार लुक और चार बदलाव नजर आएंगे। लेकिन बॉडी लैंगवेज और भाषा तो मेरी ही हैं।
पाओली का न्यूड सीन के सिलसिले में कहना है कि मैं इन्हें 'न्यूड' नहीं मानती। पर बोल्ड सीन जरूर हैं। यह एक इरोटिक थ्रिलर और इमोशनल ड्रामा वाली फिल्म है। मुझे जो चुनौती मिली, उसे स्वीकार कर मैंने परफार्म किया है। इस फिल्म में काव्या, पावली को बहुत बड़ी चुनौती देती हैं। जिसे एक कलाकार के रूप में पावली ने स्वीकार किया है। हम सभी जानते हैं कि नौ तरह के इमोशंस होते हैं। हंसना, रोना-वगैरह वगैरह। उसी प्रकार से बोल्डनेस भी एक इमोशन है। बोल्डनेस मेरे अंदर समाहित है। काव्या का चरित्र कोई टैबू नहीं है। वह बोल्ड है। आदर्शवाद वगैरह में यकीन नहीं करती। वर्तमान समय में इसी तरह की पीढ़ी हमारे आसपास नजर आती भी है।यह बॉलीवुड की पहली 'इरॉटिक फिल्म' है, इसलिए भी चर्चाएं होना स्वाभाविक ही है। वैसे मुझे इस तरह के दृश्य देने से कभी परहेज नहीं रहा और ना ही कभी हिचक हुई। मेरा मानना है कि 'नग्नता तो इंसान के दिमाग में होती है, शरीर में नहीं।' इस फिल्म की ही तरह किसी भी फिल्म में बोल्ड दृश्यों को निभाने की मेरी इच्छा के चलते ही मैं इस फिल्म से जुड़ पाई।
पाओली का कहना है कि फिल्म की कहानी कॉरपोरेट जगत के अंदर घूमती है, जिसमें मैंने काव्या नामक एक अति महत्वाकांक्षी नारी का किरदार निभाया है। भला मैं क्यों इस फिल्म को करने से मना करने लगी? माना कि मैं कोलकाता में रहते हुए कई अच्छी बांग्ला फिल्में कर रही थी, मगर हिन्दी फिल्मों में काम करने का अपना एक अलग मजा है। बांग्ला की अपेक्षा हिन्दी फिल्मों का दर्शक वर्ग बहुत बड़ा है। यहां लाजर्र देन लाइफ वाले चरित्र हैं और उसी अनुपात में ग्लैमर भी है। मैंने बांग्ला फिल्म 'छत्रक' में भी न्यूड सीन दिए हैं और यह फिल्म काफी हिट रही है। इस फिल्म के बाद ही विक्रम भट्ट ने 'हेट स्टोरी' का ऑफर दिया था। जब फिल्म का पहला पोस्टर बाजार में आया, जिसमें मेरी नंगी पीठ की तस्वीर थी, तब इस फिल्म की चर्चा शुरू हुई।मुझे भी इस बात की कोई भनक नहीं थी कि फिल्म की शुरुआत में जो पहला पोस्टर जारी होगा, उसमें मेरा चरित्र और मेरी पहचान दोनों को छिपाया जाएगा। यह निर्माता का अपना निर्णय है। जब मेरी नंगी पीठ वाला पोस्टर जारी हुआ तो जिन्हें पता था कि मैं पोस्टर जारी कर रही हूं तो मैंने उन सबसे कहा कि थोड़ा इंतजार करो, सब कुछ सामने आएगा।
'हेट स्टोरी'के प्रदर्शन से पहले ही इस फिल्म में उनके द्वारा दिए गए 'न्यूड' सीन की वजह से पाओली एक ऐसी इमेज में कैद हो गयी है, जिससे बाहर निकलना विपाशा बसु और मल्लिका सेहरावत जैसी दर्जनों अभिनेत्रियों के लिए संभव नहीं हुआ।
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