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Sunday, June 15, 2014

कड़े फ़ैसले लेने का समय आ गया है: प्रधानमंत्री

कड़े फ़ैसले लेने का समय आ गया है: प्रधानमंत्री

altपणजी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की वित्तीय हालात को सुधारने के लिए एक दो साल तक ‘कड़े फैसले’ की ज़रूरत के प्रति आगाह किया है। उन्होंने आज कहा कि हो सकता है कि इस तरह के फैसले कुछ वर्गो को अच्छे नहीं लगें पर ये फैसले शुद्ध रूप से देश के हित में लिए जाएंगे। 
प्रधानमंत्री ने अर्थव्यवस्था के प्रबंध के पिछली सरकार के तौर तरीके की कड़ी आलोचना भी की। उन्होंने यहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ''अगले एक दो वर्षो में कड़े फैसले और कड़े उपायों की ज़रूरत है ताकि देश में वित्तीय अनुशासन आ सके। इससे देश का विश्वास बहाल और मजबूत होगा।''
करीब तीन सप्ताह पहले सत्ता संभालने के बाद यह पहला अवसर है जब मोदी ने पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार के काम काज पर तीखे हमले किए। प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमने देश की बागडोर ऐसे समय में संभाली है जबकि पिछली सरकार ने कुछ नहीं छोड़ा है। वे सब खाली करके गए हैं। देश का वित्तीय स्वास्थ्य रसातल में चला गया है।''

मोदी ने यह भी कहा कि अल्प समय में उनकी सरकार के कुछ फैसले हो सकता सबको अच्छे न लगें। उन्होंने कहा, ''मुझे अच्छी तरह से मालूम है कि मेरे फैसलों से उस असीम प्यार पर चोट लग सकती है जो देश ने मुझे दिया है। लेकिन मेरे देशवासी ऐसा समझेंगे कि इन फैसलों से वित्तीय हालात दुरुस्त होंगी और उसके बाद मैं उस प्यार को फिर हासिल कर लूंगा।''
प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि यदि कठोर कदम नहीं उठाए गए तो वित्तीय स्थिति नहीं सुधरेगी। ऐसे में ''वह हर कदम उठाए जाने चाहिये जिसकी हमें ज़रूरत है।'' 
मोदी ने कहा, ''हम मोदी और भाजपा की गुणगान करके देश का भला नहीं कर सकते। इसकी कोई गारंटी नहीं है कि मोदी का गुणगान करने से हालत सुधरेगी। हमें वित्तीय हालात सुधारने के लिए कड़े फैसले करने की जरूरत है।''
इसके थोड़ी ही देर बाद मोदी ने सोशल नेटवर्किग साइट ट्विटर पर एक लघु संदेश में कहा, ''राष्ट्रीय हित में कड़े फैसलों का समय आ गया है। हम जो भी फैसला करेंगे, वे शुद्ध रूप से राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।''
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह धारणा गलत है कि लोग देश के लिए काम नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ''किसी भी सरकार में ज्यादातर अधिकारी देश के लिए कुछ करने की तमन्ना रखते हैं। वे काम के लिए तैयार रहते हैं यह बात मैं प्रधानमंत्री के रूप में 15 दिन के अपने अनुभव से कह सकता हूं।''
इस वर्ष के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ''इसमें कोई चुनावी गणित नहीं था। यह आशाओं और आकांक्षाओं का चुनाव था। नतीजा हमारे सामने है। आजादी के बाद पहली बार किसी गैर कांग्रेसी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला है।''
मोदी ने कहा, ''जनता ने स्पष्ट संकेत दिया है। सभी राजनीतिक दलों को उसे समझना चाहिए। लोगों को राजनीति का जाति और वर्ग पर आधारित पुराना ढर्रा अब पसंद नहीं है।''
उन्होंने कहा कि इस तरह का परिणाम मुख्य रूप से देश के युवकों के चलते है। युवा मतदाताओं ने सीमित दायरों से ऊपर उठकर देखना शुरू किया। वे देश की बेहतरी के लिए, भ्रष्टाचार से मुक्ति पाने और त्वरित विकास के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता ने उन्हें जिम्मेदारी है और वह उनकी आकांक्षाओं को पूरा करेंगे।
मोदी ने कहा, ''समय आ गया है कि देश के हित में कड़े फैसले लिए जाएं। हम जो भी फैसला लेंगे वह मुख्यत: राष्ट्रीय हितों से प्रेरित होगा।''
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वह वित्तीय अनुशासन के लिए जो भी सूझ बूझ भरा फैसला लेंगे, वह उनके व्यक्तिगत या पार्टी के हित में नहीं बल्कि व्यापक रूप से देश के हित में होगा। उन्होंने गोवा में भाजपा को कामयाबी दिलाने में योगदान के लिए लाखों पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि वे भाजपा को ऐसा संगठन बनाएं जहां हरेक को लगे कि वहां उसके लिए जगह है।
मोदी ने कहा कि उन्होंने इस साल के आम चुनाव में अपने अभियान की शुरुआत गोवा से की थी और वे प्रधानमंत्री बनने के बाद दिल्ली से पहली बार गोवा आए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस चुनाव से साबित हो गया है कि जनता ने जातिवाद, सांप्रदायिकता, भाई भतीजावाद और वंशवाद को पराजित किया है और जनादेश दिया है कि सरकार को सुरक्षा, समृद्धि बढ़ाने, भ्रष्टाचार खत्म करने, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करना चाहिए।
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार जनता से बराबर संपर्क में रहेगी और लोगों को विकास प्रक्रिया के लिए अधिकार संपन्न करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की शुरुआत अच्छी है। उन्होंने कहा कि 10 साल से लोगों ने दिल्ली में काम करने वाली सरकार नहीं देखी और भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार शुद्ध अंत:करण, स्पष्ट नीति और सशक्त नेतृत्व के साथ सुशासन प्रदान करेगी। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिक्कर, रक्षा राज्यमंत्री मंत्री इंद्रजीत सिंह और गोवा भाजपा के प्रमुख नेता भी शामिल थे।

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