Twitter

Follow palashbiswaskl on Twitter

Monday, May 26, 2014

कितना लोटा पानी चढेगां ? मालूम नही /पर घंटे~घङियाल खूब बजेगे/यह तय है~


कितना लोटा पानी चढेगां ? मालूम नही /पर घंटे~घङियाल खूब बजेगे/यह तय है~

मेरे अजीज सुबीर/अब तुम कहो~पंकज राँय की पाक पर लिखी कविता का क्या करु? तङप की कविता पोस्ट करु?

No comments:

Post a Comment

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Welcome

Website counter

Followers

Blog Archive